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मनपा, सड़क एवं भवन विभाग और GDA की कार्रवाई का असर नहीं, प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में!

April 22, 2026 7:10 PM
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टाइम्स ऑफ इंकलाब न्यूज़ पेपर एंड चैनल

300 अतिक्रमण हटे, लेकिन 20 दिन में फिर खड़े हो गए
24 घंटे व्यस्त रहने वाला टैगोर रोड अतिक्रमण के कारण बना हादसों का ज़ोन: क्या सख्त कार्रवाई होगी या फिर ‘चलता है’?
गांधीधाम से आदिपुर को जोड़ने वाला शहर का सबसे व्यस्त टैगोर रोड अतिक्रमण के कारण एक बार फिर हादसों का ज़ोन बन गया है। मनपा, सड़क एवं भवन विभाग और GDA द्वारा नोटिस देने के बाद फरवरी में करीब 300 अतिक्रमण हटाए गए थे, लेकिन पहले की तरह ही कुछ ही दिनों में फिर से अतिक्रमण खड़े हो गए। मात्र 20 दिनों में ही टैगोर रोड दोबारा अतिक्रमणकारियों के कब्जे में आ गया है।
कुछ समय पहले सड़क एवं भवन विभाग और नगर पालिका द्वारा जेसीबी चलाकर की गई कार्रवाई अब केवल दिखावा लग रही है, क्योंकि गिनती के दिनों में ही स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई है। प्रशासन की ढीली नीति और फॉलोअप की कमी के कारण अतिक्रमणकारियों में कानून का डर खत्म होता नजर आ रहा है और उन्होंने फिर से सड़क पर कब्जा जमा लिया है।
नोटिस और जेसीबी की कार्रवाई एक सप्ताह में ही ‘साफ’
उल्लेखनीय है कि सड़क एवं भवन विभाग द्वारा इस क्षेत्र के व्यापारियों को कड़ी नोटिस दी गई थी। इसके बाद मनपा के अतिक्रमण हटाओ सेल द्वारा अवैध ओटले, रेहड़ी और पथारे हटाने की सघन कार्रवाई की गई थी। लेकिन यह व्यवस्था एक सप्ताह भी टिक नहीं सकी। आज फिर फुटपाथ और सड़क के मुख्य हिस्सों पर सामान रख दिया गया है, जिससे प्रशासन की सख्ती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आम जनता को भारी परेशानी
अतिक्रमण बढ़ने के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कें संकरी हो जाने से पीक आवर्स में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिसमें एंबुलेंस जैसे इमरजेंसी वाहन भी फंस जाते हैं। फुटपाथ पूरी तरह घिर जाने के कारण पैदल चलने वालों को जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलना पड़ता है। दुकानदारों के ग्राहकों को भी मजबूरी में सड़क पर वाहन पार्क करने पड़ते हैं, जिससे ट्रैफिक समस्या और गंभीर बन जाती है।

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